सम्मान सहित वरिष्ठ निजधाम
यहाँ बुज़ुर्गों को आश्रय नहीं दिया जाता. यहाँ उन्हें अपना घर मिलता है.
हमारे समाज में कई बुज़ुर्ग ऐसे हैं जिनकी संतानें विदेश या दूर के शहरों में बसी हैं. उनके पास साधन हैं, पर साथ नहीं. ऐसे बुज़ुर्गों के लिए संस्थान सम्मानजनक निवास खड़ा करता है.
यहाँ हर बुज़ुर्ग के लिए अलग कमरा, नियमित भोजन और दवा-जाँच की व्यवस्था है. पर सबसे महत्वपूर्ण यह कि यहाँ साथ बैठकर बात करने वाला परिवार है. सुबह भजन, दोपहर पठन और शाम सत्संग यहाँ की दिनचर्या है.
जो बुज़ुर्ग सक्षम हैं वे संस्थान की गतिविधियों में मार्गदर्शन देते हैं. अनुभव का यह खज़ाना नई पीढ़ी तक पहुँचे, यह भी इस प्रकल्प का उद्देश्य है.
हमारे सेवा प्रकल्प
- हर बुज़ुर्ग के लिए अलग स्वच्छ कमरा
- नियमित चिकित्सा जाँच और दवा
- प्रतिदिन भजन, सत्संग और वाचनालय
- परिवार से वीडियो संपर्क की सुविधा
सेवा जो सचमुच घर तक पहुँचे
भोजन एवं निवास व्यवस्था
महत्वपूर्ण तीर्थक्षेत्रों पर दर्शन हेतु आने वाले समाज के परिवारों के लिए स्वच्छ निवास और सात्त्विक भोजन की व्यवस्था.
नेचुरोपैथी उपचार केंद्र
प्रकृति, आहार और योग द्वारा जड़ से स्वस्थ होने का मार्ग. समाज के हर परिवार के लिए खुला.
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
समाज के युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए बनाया गया मंच.
किसान परिवारों के बच्चों के लिए विशेष देखभाल
खेत में मेहनत करते पटेल किसान की संतान पढ़ाई में पीछे न रहे, इसके लिए विशेष योजना.
विधवा बहनों के लिए आत्मनिर्भरता
बहनों को मदद नहीं, मान के साथ आय मिले और वे अपने पैरों पर खड़ी हों, इसके लिए बनाया गया बिज़नेस मॉडल.
आप भी इस परिवार का हिस्सा बनें
सदस्य के रूप में पंजीकरण कराएँ, सेवा में जुड़ें अथवा दान द्वारा सहयोग दें. हर हाथ समाज को एक कदम आगे ले जाता है.