विधवा बहनों के लिए आत्मनिर्भरता
एक बार दी गई मदद कुछ दिन चलती है. हाथ में दिया गया व्यवसाय पूरी ज़िंदगी चलता है.
पति की छत्रछाया खोने के बाद कई बहनों पर पूरे घर की ज़िम्मेदारी आ पड़ती है. संस्थान ऐसी बहनों को हर महीने दान देने के बजाय स्थायी आय का साधन तैयार कर देता है.
पापड़, अचार, नाश्ता, सिलाई, कढ़ाई, अगरबत्ती, दीये और प्रसाद सामग्री जैसी छोटी इकाइयाँ बहनों के समूह के रूप में चलाई जाती हैं. प्रशिक्षण, उपकरण और कच्चा माल संस्थान उपलब्ध कराता है.
बना हुआ माल संस्थान की भोजनशालाओं, भंडार और मेलों में खरीदा जाता है, जिससे बिक्री की चिंता नहीं रहती. प्राप्त आय सीधे बहनों के अपने खाते में जमा होती है.
हमारे सेवा प्रकल्प
- समूह के रूप में छोटी व्यवसाय इकाइयाँ
- प्रशिक्षण, उपकरण और कच्चा माल
- संस्थान द्वारा सुनिश्चित खरीदी
- आय सीधे बहन के खाते में
सेवा जो सचमुच घर तक पहुँचे
भोजन एवं निवास व्यवस्था
महत्वपूर्ण तीर्थक्षेत्रों पर दर्शन हेतु आने वाले समाज के परिवारों के लिए स्वच्छ निवास और सात्त्विक भोजन की व्यवस्था.
सम्मान सहित वरिष्ठ निजधाम
जीवनभर परिवार के लिए खपे बुज़ुर्गों के लिए दया नहीं, सम्मान के साथ एक घर.
नेचुरोपैथी उपचार केंद्र
प्रकृति, आहार और योग द्वारा जड़ से स्वस्थ होने का मार्ग. समाज के हर परिवार के लिए खुला.
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
समाज के युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए बनाया गया मंच.
किसान परिवारों के बच्चों के लिए विशेष देखभाल
खेत में मेहनत करते पटेल किसान की संतान पढ़ाई में पीछे न रहे, इसके लिए विशेष योजना.
आप भी इस परिवार का हिस्सा बनें
सदस्य के रूप में पंजीकरण कराएँ, सेवा में जुड़ें अथवा दान द्वारा सहयोग दें. हर हाथ समाज को एक कदम आगे ले जाता है.